उत्तर प्रदेश में बिछाई जाएगी 2 रेल लाइन, 6 नए स्टेशनों का निर्माण होगा, 10 राज्यों को पहुंचेगा लाभ
UP News: उत्तर प्रदेश में रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने गाजियाबाद से सीतापुर तक प्रस्तावित तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना का विस्तार बुढ़वल तक करने का फैसला लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
माल और यात्री ट्रैफिक को मिलेगी राहत
वर्तमान में गाजियाबाद, मुरादाबाद, हरदोई, सीतापुर और बुढ़वल रूट पर ट्रेनों और मालगाड़ियों का भारी दबाव रहता है। दोहरी लाइन होने के कारण कई बार ट्रेनों की गति प्रभावित होती है और देरी की समस्या सामने आती है। नई तीसरी और चौथी लाइन बनने के बाद इस दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
96 किलोमीटर का नया विस्तार बनेगा गेम चेंजर
सीतापुर से बुढ़वल तक करीब 96 किलोमीटर लंबे सेक्शन में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाई जाएगी। यह हिस्सा प्रस्तावित आर्थिक गलियारे का महत्वपूर्ण केंद्र माना जा रहा है। साथ ही यह पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी काम कर सकेगा।
नए स्टेशन और बेहतर कनेक्टिविटी
परियोजना के तहत कई नए रेलवे स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इनमें न्यू हापुड़, न्यू मुरादाबाद, न्यू रामपुर, न्यू बरेली, न्यू शाहजहांपुर और न्यू सीतापुर प्रमुख हैं। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
उद्योग और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
नई रेल लाइन से उत्तर भारत के औद्योगिक राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के उत्पादों को उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत के बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। वहीं बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल तक माल ढुलाई भी तेज होगी।
गाजियाबाद का इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा उद्योग, मुरादाबाद का पीतल और हस्तशिल्प कारोबार, शाहजहांपुर का फर्नीचर और टेक्सटाइल सेक्टर तथा सीतापुर की दरी उद्योग को इस परियोजना से विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
हजारों रोजगार और करोड़ों की बचत
रेलवे के अनुमान के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद हर साल करीब 36 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी। इससे लॉजिस्टिक्स लागत में ल
2,877 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत हो सकती है। साथ ही निर्माण और संचालन के दौरान लाखों मानव दिवस रोजगार का सृजन भी होगा।
लखनऊ के लिए भी खुलेगा नया विकल्प
लखनऊ-सीतापुर रेलखंड पर अभी भी क्षमता का दबाव बना रहता है। इस परियोजना के बाद दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, पंजाब और जम्मू-कश्मीर की ओर जाने वाली कई ट्रेनों को नए मार्ग पर संचालित किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा और तेज यात्रा का लाभ मिलेगा।
यात्रा समय में होगी कमी
रोजा जंक्शन और आसपास के रेलखंडों पर ट्रेनों की अधिक आवाजाही के कारण अक्सर ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन जाती है। नई लाइनों के शुरू होने के बाद ट्रेनों की औसत गति बढ़ेगी और दिल्ली, लखनऊ तथा जम्मू-कश्मीर की दिशा में सफर करने वाले यात्रियों का एक से तीन घंटे तक का समय बच सकता है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया प्रोत्साहन
इस रेल परियोजना से मध्य उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को भी नई ताकत मिलेगी। नैमिष धाम, अयोध्या, काशी, हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर और दूधेश्वरनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच संपर्क बेहतर होगा। भविष्य में धार्मिक पर्यटन सर्किट के विस्तार से सीतापुर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर सकता है।
