हरियाणा में 2 तहसीलों के 29 गांवों में जमीन खरीद बिक्री पर लगी रोक, निकलेगा 27 किलोमीटर लंबा बाईपास
हरियाणा के कुरुक्षेत्र की बहुप्रतीक्षित बाईपास परियोजना अब जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने भी परियोजना को लेकर आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रशासन की ओर से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू किए जाने की तैयारी की जा रही है। इसी के मद्देनजर बाईपास की जद में आने वाले गांवों की जमीनों की खरीद-बिक्री और उनसे जुड़े दस्तावेजों के पंजीकरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने इस संबंध में संबंधित एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी (डीआरओ), तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों और जमीन मालिकों को उचित मुआवजा मिल सके तथा जमीनों की कीमतों में किसी प्रकार की कृत्रिम बढ़ोतरी न हो, इसके लिए यह कदम उठाया गया है।
थानेसर और पिहोवा तहसील के 29 गांव परियोजना में शामिल
प्रस्तावित बाईपास के दायरे में थानेसर तहसील के कई गांव शामिल किए गए हैं। इनमें इदबड़ी, ज्योतिसर, बारवा, कैंथला खुर्द, किरमच, सुनेहड़ी, ईशाकपुर, सलारपुर, अमीन, खासपुर, जिरबड़ी, उमरी, शादीपुर लाडवा, किशनगढ़, दौलतपुर, मथाना, बीड़ सौंटी, मिर्जापुर, समसपुर, फत्तुपुर, समानी, बोढी, कड़ामी और मुनियारपुर प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा पिहोवा तहसील के अंतर्गत आने वाले मुर्तजापुर, बोर सैंदा, गढ़ी रोडान, लोहार माजरा और खानपुर रोडान गांव भी इस परियोजना का हिस्सा होंगे।
27.9 किलोमीटर लंबा होगा बाईपास
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि यह बाईपास कुरुक्षेत्र के नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही एक महत्वपूर्ण मांग रही है। अब परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बाईपास गांव इदबड़ी, अमीन, किरमच और मथाना के आसपास के क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 27.9 किलोमीटर निर्धारित की गई है। बाईपास बनने के बाद शहर के भीतर से गुजरने वाले भारी वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात व्यवस्था पहले से अधिक सुगम बनेगी।
शहर को जाम और दुर्घटनाओं से मिलेगी राहत
उपायुक्त ने कहा कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के लिए यह बाईपास एक बड़ी आधारभूत संरचना परियोजना साबित होगी। इसके निर्माण से शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि शहर में वाहनों की आवाजाही कम होने से प्रदूषण के स्तर पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इसके अलावा बेहतर कनेक्टिविटी और यातायात सुविधाओं के कारण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पर प्रशासन की नजर
जिला प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। जमीनों के मूल्यांकन और मुआवजे का निर्धारण नियमानुसार किया जाएगा, ताकि प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों के हित सुरक्षित रह सकें। इसी कारण फिलहाल परियोजना क्षेत्र में जमीनों की खरीद-बिक्री के पंजीकरण पर रोक लगाई गई है।
प्रशासन का मानना है कि बाईपास परियोजना पूरी होने के बाद न केवल कुरुक्षेत्र शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि क्षेत्र के विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी।
