हरियाणा में पशुपालकों के लिए बड़ी खुशखबरी, देसी गाय और मुर्रा भैंस पालने पर मिलेगी हजारों रुपये की प्रोत्साहन राशि
हरियाणा के पशुपालकों के लिए सरकार ने बड़ी योजना शुरू की है। प्रदेश सरकार ने स्वदेशी गौवंश संरक्षण एवं विकास (गोसंवर्धन) योजना और एकीकृत मुर्रा विकास योजना लागू की है। इस योजना का उद्देश्य देसी नस्लों के संरक्षण, पशुओं की संख्या बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है।
योजना के तहत पात्र पशुपालकों को बेहतर दूध देने वाली देसी गायों और मुर्रा नस्ल की भैंसों पर सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इससे पशुपालकों की आय बढ़ाने और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कौन ले सकता है योजना का लाभ
इस योजना का लाभ केवल हरियाणा के निवासी पशुपालक ही उठा सकेंगे। आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होना जरूरी है।
यह योजना व्यक्तिगत पशुपालकों के लिए है, इसलिए किसी संस्था, समूह, फर्म या संगठन को इसके तहत आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी।
अधिकतम 4 पशुओं पर मिलेगा लाभ
योजना के तहत एक पात्र पशुपालक को अधिकतम चार दुधारू पशुओं पर ही प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इसमें शामिल नस्लें:
- हरियाना नस्ल की गाय
- साहीवाल नस्ल की गाय
- बेलाही नस्ल की गाय
- मुर्रा नस्ल की भैंस
कितनी मिलेगी प्रोत्साहन राशि
सरकार की योजना के अनुसार निर्धारित दूध उत्पादन मानकों को पूरा करने वाले पशुपालकों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- हरियाना और साहीवाल गाय: अधिकतम 25 हजार रुपये तक
- बेलाही गाय: अधिकतम 15 हजार रुपये तक
- मुर्रा भैंस: अधिकतम 40 हजार रुपये तक
योजना के तहत चयनित पशुओं के दूध उत्पादन का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। तय मानकों के आधार पर पात्र पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस योजना से स्वदेशी नस्लों का संरक्षण होगा और पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय में बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा।
