राजस्थान में 926 किलोमीटर लंबे 14 हाईवे बनेंगे आधुनिक, प्रदेशवासियों की यात्रा होगी आरामदायक
राजस्थान में सड़क और हाईवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। विश्व बैंक ने राजस्थान हाईवेज मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट (RHMP) के तहत राज्य के 14 प्रमुख राजमार्गों के विकास के लिए 2025 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दी है। इस परियोजना के जरिए करीब 926 किलोमीटर लंबी सड़कों का उन्नयन किया जाएगा।
इस संबंध में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शासन सचिवालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजस्थान की सड़क व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और परिवहन सुविधाओं को भी बेहतर बनाएगी।
परियोजना के तहत 5 सड़क परियोजनाएं EPC मॉडल और 9 परियोजनाएं HAM मॉडल पर विकसित होंगी। इसके अलावा हाईवे पर इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) लगाया जाएगा, जिससे ट्रैफिक की रीयल-टाइम निगरानी, बेहतर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा में सुधार हो सकेगा।
विश्व बैंक, भारत सरकार और राजस्थान सरकार के बीच जल्द ही इस योजना को लेकर त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि परियोजना का काम तय समय में पूरा हो और आधुनिक तकनीकों का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यात्रा समय कम करना, सड़क हादसों में कमी लाना और माल परिवहन को तेज व आसान बनाना है। साथ ही राज्य के लिए लंबी अवधि का रोड नेटवर्क मास्टर प्लान भी तैयार किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए “सेफ सिस्टम एप्रोच” अपनाई जाएगी। इसके तहत ट्रॉमा सेंटर, जीपीएस से लैस एम्बुलेंस, इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और गोल्डन आवर में इलाज जैसी सुविधाओं पर जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा हाईवे पर वे-साइड सुविधाएं, ईवी चार्जिंग स्टेशन, हरित परिवहन व्यवस्था और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण को भी बढ़ावा मिलेगा। जयपुर और जोधपुर में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी, जबकि सार्वजनिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स सिस्टम को भी आधुनिक बनाया जाएगा।
