राजस्थान में 4 जिलों 150 गांवों में बिछेगी नई रेल लाइन, सर्वे के लिए 10 करोड़ रुपए हुए जारी
Hindi News Line, Haryana: पश्चिमी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजस्थान में एक बड़े रेल नेटवर्क की तैयारी चल रही है। कांडला पोर्ट तक रेल लाइन बिछाने की योजना पर काम आगे बढ़ चुका है और इस परियोजना का सर्वे पूरा हो गया है। इससे सीमावर्ती इलाकों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और सुरक्षा के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
प्रस्तावित नई रेलवे लाइन बीकानेर से शुरू होकर जैसलमेर होते हुए बाड़मेर के नजदीक जसाई, चौहटन, धोरीमन्ना, सांचौर और आगे गुजरात के भाभर तक जाएगी। इस रेल लाइन को भविष्य में पालनपुर और गांधीधाम के रास्ते कांडला पोर्ट से जोड़ने की योजना है।
सीमा सुरक्षा को ध्यान में रखकर बदला गया रूट
इस परियोजना का रूट सीमा सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बदला गया है। पहले एनएच-25 के आसपास रेल लाइन का सर्वे किया गया था, लेकिन अब नए रूट के तहत इसे बॉर्डर इलाकों से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
इस नई रेल लाइन में सरहदी क्षेत्रों में करीब 80 प्रतिशत नए रेलवे स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इससे बाड़मेर, जैसलमेर, जालोर और गुजरात के बनासकांठा क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा।
26 साल में हुए तीन सर्वे
इस रेल परियोजना को लेकर पिछले 26 वर्षों में तीन बार सर्वे किया जा चुका है।
पहला सर्वे वर्ष 2001 में हुआ था। पश्चिमी रेलवे की ओर से दो रूट का सर्वे किया गया था।
पहला रूट:
कांडला पोर्ट से जैसलमेर तक 562.50 किलोमीटर
दूसरा रूट:
भाभर से जैसलमेर तक 337.92 किलोमीटर
उस समय भाभर तक बी श्रेणी के 41 स्टेशन और कांडला पोर्ट तक कुल 67 स्टेशन प्रस्तावित किए गए थे।
वर्ष 2001 में परियोजना की अनुमानित लागत भाभर तक 616.15 करोड़ रुपये और कांडला पोर्ट तक 991.39 करोड़ रुपये आंकी गई थी।
दूसरा सर्वे 2012-2013 में हुआ
दूसरे सर्वे में जैसलमेर से बाड़मेर तक रेल लाइन के लिए 517.70 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया था। इसमें 8 स्टेशन प्रस्तावित किए गए थे।
वहीं बाड़मेर से भाभर तक 193.94 किलोमीटर लंबे रूट के लिए 798.72 करोड़ रुपये की लागत और 23 स्टेशन प्रस्तावित किए गए थे।
तीसरा सर्वे 2024-2025 में हुआ
तीसरे सर्वे के लिए 10 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इसमें नया रूट तैयार किया गया।
नया रूट:
जैसलमेर से जसाई (बाड़मेर), चौहटन, धोरीमन्ना, सांचौर होते हुए भाभर तक
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2555.71 करोड़ रुपये बताई गई है।
परियोजना में बनेंगे 50 बड़े पुल
नई रेलवे लाइन के निर्माण में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। परियोजना में 50 बड़े पुल बनाए जाने प्रस्तावित हैं।
इनमें:
-34 नहर क्रॉसिंग शामिल हैं
-256 छोटे पुल बनाए जाएंगे
-31 रोड ओवरब्रिज बनाए जाएंगे
-56 रोड अंडरब्रिज बनाए जाएंगे
जमीन अधिग्रहण की जरूरत
रेल लाइन निर्माण के लिए राजस्थान और गुजरात में जमीन अधिग्रहण किया जाएगा।
राजस्थान में करीब 986.8 हेक्टेयर जमीन और गुजरात में करीब 246.2 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी।
बढ़ेगी बॉर्डर और व्यापारिक कनेक्टिविटी
नई रेल लाइन बनने से सीमावर्ती इलाकों में आवागमन आसान होगा। सेना और सुरक्षा एजेंसियों की जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना काफी अहम मानी जा रही है।
इसके अलावा कांडला पोर्ट से जुड़ने के बाद राजस्थान के पश्चिमी जिलों से व्यापार और माल परिवहन को भी फायदा मिलेगा।
सांसद उम्मेदाराम ने कहा कि बॉर्डर पर ट्रेन कनेक्टिविटी की जरूरत को देखते हुए रेल लाइन का सर्वे पूरा कर लिया गया है। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। जल्द ही डीपीआर को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
