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राजस्थान में 14,403 ग्राम पंचायतों में सालाना प्रति परिवार 1200 रुपए टैक्स लेने की तैयारी, नहीं दिया तो कटेगा फंड

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राजस्थान में 14403 ग्राम पंचायतों में प्रति परिवार 1200 रुपए टैक्स लेने की तैयारी, नहीं दिया तो कटेगा फंड

Jaipur : ग्राम पंचायतों को अब सिर्फ सरकारी बजट पर निर्भर रहने की आदत बदलनी होगी। केंद्र सरकार के 16वें वित्त आयोग ने गांवों के विकास के लिए मिलने वाली फंडिंग को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। नए नियमों के अनुसार अब उन पंचायतों को ही परफॉर्मेंस ग्रांट का लाभ मिलेगा, जो अपने स्तर पर टैक्स और यूजर चार्ज वसूल कर अपनी आय बढ़ाने का काम करेंगी।

जो ग्राम पंचायतें खुद की कमाई बढ़ाने के लिए प्रयास नहीं करेंगी, उनकी परफॉर्मेंस ग्रांट रोकी जा सकती है। नए नियमों को लेकर राज्य सरकार की ओर से जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) और पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों को गाइडलाइन भेजी जा रही है।

75% पंचायतें पात्र होंगी तभी मिलेगा फंड

नई गाइडलाइन के अनुसार पंचायत समितियों को भी फंड तभी मिलेगा, जब उनके क्षेत्र की कम से कम 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतें परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए पात्र होंगी। अगर पंचायतें पात्रता पूरी नहीं कर पाती हैं तो फंड में 20 प्रतिशत तक कटौती का प्रावधान किया गया है।

गांवों में हर परिवार से 1200 रुपये तक जुटाने की योजना

गाइडलाइन में कहा गया है कि टैक्स और यूजर चार्ज की वसूली इस तरह तय की जाए कि पंचायत क्षेत्र में न्यूनतम 1200 रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष की आय जुटाई जा सके।

राजस्थान में इस व्यवस्था का असर 14,403 ग्राम पंचायतों और करीब 5 करोड़ ग्रामीण आबादी पर पड़ेगा। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के सचिव डॉ. जोगा राम की ओर से जिला परिषदों और पंचायत समितियों को दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

इन टैक्स और चार्ज से होगी पंचायतों की कमाई

ग्राम पंचायतें अपनी आय बढ़ाने के लिए कई तरह के टैक्स और यूजर चार्ज वसूल कर सकेंगी।

आवासीय और व्यावसायिक भवन टैक्स:
गांवों में बने घरों और दुकानों आदि पर टैक्स लिया जाएगा।

प्रकाश कर:
गांवों में स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था के बदले लिया जाने वाला कर।

सफाई कर:
गांवों में साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की सुविधाओं के लिए टैक्स।

अन्य स्थानीय कर:
मेलों, हाट-बाजारों, प्रदर्शनियों और अन्य स्थानीय गतिविधियों पर लगने वाले कर।

यूजर चार्ज:
पानी और अन्य ग्रामीण सुविधाओं के इस्तेमाल के बदले शुल्क लिया जाएगा।

नए नियमों का उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और गांवों के विकास कार्यों में स्थानीय आय की भूमिका बढ़ाना है।

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