Rajasthan News: राजस्थान में सौर ऊर्जा प्रसार की नई पहल, 25 हजार सोलर दीदी ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाएंगी सौर ऊर्जा की पहुंच
Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और ऊर्जा क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए 25 हजार "सोलर दीदी" चुनने की योजना शुरू की है। इस पहल का मकसद न सिर्फ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर बिजली की खपत कम करना और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना भी है।

Rajasthan Solar Didis selected: राजस्थान सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और ऊर्जा क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने के लिए 25 हजार "सोलर दीदी" चुनने की योजना बनाई है। इनका चयन तीन वर्षों के लिए किया जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक "सोलर दीदी" को पहले वर्ष में हर माह 2,000 रुपये मानदेय मिलेगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाना, बिजली की बचत को बढ़ावा देना और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। जानकारी के अनुसार अभी तक प्रदेश में 90 प्रतिशत से ज्यादा सोलर दीदी का चयन किया जा चुका है।
प्रत्येक गांव में दो सोलर दीदी का चयन होगा
राजस्थान सरकार ने सोलर दीदी को चुनने के लिए नियम बनाए हैं। सोलर दीदी की जिम्मेदारी सिर्फ राजीविका से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दी जाती है। प्रत्येक ग्राम पंचायत ने दो सोलर दीदी चुने हैं। ग्राम पंचायत क्षेत्र की भौगौलिक परिस्थितियों के अनुसार, अगर अधिक सोलर दीदी की आवश्यकता होती है, तो जिला कलेक्टर निर्णय लेंगे।
11 जिलों में 500 सोलर दीदी से कम हैं
वहीं, ग्यारह जिलों में कम से कम पांच सौ सोलर दीदी चुनी जाएंगी। इनमें बारां में 470, बूंदी में 368, धौलपुर में 384, जैसलमेर में 404, करौली में 484, कोटा में 474, प्रतापगढ़ में 470, राजसमंद में 428, सवाई माधोपुर में 476, सिरोही में 342 और टोंक में 474 निर्धारित करने का लक्ष्य है।
सोलर दीदी क्या करती है
सोलर दीदी योजना के तहत चयनित महिलाएं ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनका काम घर-घर तक सौर बिजली की पहुंच सुनिश्चित करना होगा। इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा, बल्कि अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, ऊर्जा क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाना और ग्रामीण इलाकों को स्वच्छ व किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराना है।
जयपुर-उदयपुर में सबसे बड़ी सोलर दीदी चुनी जाएगी
जयपुर और उदयपुर प्रदेश में सबसे ज्यादा सोलर दीदी का चयन किया जाएगा। प्रदेश के आठ जिलों में 1000 से 1700 महिलाओं को सोलर दीदी बनाकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
जिलावार चयन संख्या
जयपुर | 1693 |
अलवर | 1150 |
बीकानेर | 1001 |
भरतपुर | 1127 |
जोधपुर | 1673 |
नागौर | 1000 |
उदयपुर | 1753 |
बाड़मेर | 1382 |
इन जिलों 500 से 1000 सोलर दीदी का किया जाएगा चयन
हनुमानगढ़ | 538 |
जालोर | 616 |
दौसा | 574 |
झालावाड़ | 508 |
चूरू | 608 |
श्रीगंगानगर | 690 |
पाली | 682 |
बांसवाड़ा | 836 |
भीलवाड़ा | 796 |
सीकर | 752 |
अजमेर | 869 |
डूंगरपुर | 706 |
चित्तौड़गढ़ | 598 |
झुंझुनूं | 674 |