Namo City Haryana: हरियाणा समेत 4 राज्यों में बनेगी नमो सिटी, 5 साल में खर्च होंगे 5 हजार करोड़ रुपए
Namo City: दिल्ली-एनसीआर के विकास को लेकर बड़ी योजना तैयार की जा रही है। एनसीआर में शामिल चार राज्यों दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में एक-एक ग्रीन फील्ड ब्लू सिटी यानी नमो सिटी विकसित करने की तैयारी है।
इन आधुनिक शहरों का चयन एक चैलेंज प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। शहरी मामले मंत्रालय ने नमो सिटी के विकास के लिए अगले 5 वर्षों में 5000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान रखा है।
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की 42वीं बैठक में इस योजना पर चर्चा हुई। बैठक में दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में एनसीआर के रीजनल प्लान-2041 के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
एनसीआर का दायरा नहीं बदलेगा
बैठक के बाद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि एनसीआर के क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एनसीआर का दायरा कम करने का प्रस्ताव इसलिए आया था क्योंकि राजधानी से काफी दूर के कुछ इलाकों में भी ऐसे नियम लागू हो जाते हैं, जहां उनकी जरूरत नहीं होती। हालांकि अब एनसीआर क्षेत्र में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
दिल्ली में नमो सिटी के लिए 3 जगह शॉर्टलिस्ट
दिल्ली में प्रदूषण मुक्त और स्मार्ट नमो सिटी बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए तीन संभावित जगहों को चुना गया है।
इनमें:
-नरेला-बवाना
- द्वारका फेज-2
-अलीपुर-बुराड़ी
शामिल हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद तकनीकी, भौगोलिक और कनेक्टिविटी जांच के आधार पर अंतिम जगह तय होगी।
इन जगहों को क्यों चुना गया?
नरेला-बवाना:
यहां बड़े स्तर पर खाली जमीन उपलब्ध है। यह NH-44 से जुड़ा हुआ है और भविष्य में मेट्रो व RRTS कनेक्टिविटी मिलने की संभावना है।
अलीपुर-बुराड़ी:
यहां लैंड पूलिंग नीति के कारण जमीन से जुड़े काम आसान हो सकते हैं। एक्सप्रेसवे के पास होने से हरियाणा और उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
द्वारका फेज-2:
यह एयरपोर्ट और द्वारका एक्सप्रेसवे के करीब है। यशोभूमि और डिप्लोमेटिक एन्क्लेव के कारण यहां आधुनिक वर्क-लाइफ मॉडल विकसित किया जा सकता है।
ग्रीन और स्मार्ट सिटी की तर्ज पर होगा विकास
नमो सिटी को पूरी तरह ग्रीन और स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करने की योजना है।
इसमें:
-बड़े स्तर पर ग्रीन बेल्ट विकसित होंगी।
-इलेक्ट्रिक वाहनों और साइकिल को बढ़ावा दिया जाएगा।
-24 घंटे बिजली और पानी की सुविधा होगी।
-भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क बनाया जाएगा।
-स्मार्ट कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू होगी।
इस शहर में घर, ऑफिस और व्यापारिक केंद्र आसपास विकसित किए जाएंगे ताकि ट्रैफिक और प्रदूषण कम हो सके।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए नए नियम
एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए भविष्य में क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।
इसके तहत:
-कोर एरिया
- सेंट्रल एरिया
- पूरे एनसीआर क्षेत्र
के लिए अलग व्यवस्था बनाई जा सकती है।
बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना है। वहीं बीएस-4 वाहनों को एनसीआर के बाहर चलाने की अनुमति दी जा सकती है।
शुरुआत में यह व्यवस्था स्वैच्छिक हो सकती है, लेकिन बाद में इसे चरणों में लागू किया जा सकता है।
क्या है नमो सिटी?
नमो सिटी एक प्रस्तावित मेगा स्मार्ट सिटी योजना है, जिसका उद्देश्य भविष्य की जरूरतों के अनुसार आधुनिक, प्रदूषण मुक्त और तकनीक आधारित शहर विकसित करना है।
हालांकि केंद्र सरकार ने अभी तक नमो सिटी नाम से कोई आधिकारिक परियोजना घोषित नहीं की है, लेकिन एनसीआर के विकास के लिए इस तरह के शहरों की योजना पर काम चल रहा है।
इन शहरों में:
स्मार्ट सुविधाएं
हरित क्षेत्र
आधुनिक परिवहन व्यवस्था
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
बेहतर जीवनशैली सुविधाएं
उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
