हरियाणा सरकार दे रही है 15 लाख रुपए की सब्सिडी, जानिए कैसे मिलेगा लाभ
Sirsa News: मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और मछली परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मत्स्य पालन विभाग ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत नई सुविधा शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत मछली पालकों को रेफ्रिजरेटेड और इंसुलेटेड वाहन खरीदने पर सरकार की ओर से अनुदान दिया जाएगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य मछलियों को सुरक्षित और ताजा अवस्था में बाजार तक पहुंचाना है, ताकि मत्स्य पालकों को बेहतर दाम मिल सकें और मछली परिवहन की सुविधाएं मजबूत हो सकें।
रेफ्रिजरेटेड वाहन पर मिलेगा 60 प्रतिशत तक अनुदान
योजना के तहत रेफ्रिजरेटेड वाहन की इकाई लागत 25 लाख रुपये प्रति वाहन निर्धारित की गई है।
- सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को वाहन लागत पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।
- अनुसूचित जाति और महिला लाभार्थियों को 60 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा।
यह योजना केंद्र प्रायोजित योजना के तहत संचालित की जा रही है।
लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी के पास परिवार पहचान पत्र होना जरूरी है। इसके अलावा लाभार्थी को यह सुनिश्चित करना होगा कि खरीदा गया वाहन लगातार चालू स्थिति में रहे और मछली परिवहन सुविधा का सही तरीके से संचालन किया जाए।
विभाग की ओर से केवल एक नए रेफ्रिजरेटेड वाहन की खरीद पर ही अनुदान दिया जाएगा।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को कई जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें शामिल हैं:
- जाति प्रमाण पत्र
- मतदाता पहचान पत्र
- जन्मतिथि प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड या दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र
- मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- पैन कार्ड
- वाहन खरीद से संबंधित बिल, रसीद और वाउचर
- वाहन के साथ लाभार्थी की फोटो
- विभाग और लाभार्थी के बीच अनुबंध पत्र
इसके अलावा लाभार्थी को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्व-निहित प्रस्ताव या विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।
मत्स्य पालकों को मिलेगा आर्थिक फायदा
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि योजना से हरियाणा में मछली परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। रेफ्रिजरेटेड वाहनों की सुविधा मिलने से मछलियों की गुणवत्ता बनी रहेगी और मत्स्य पालकों को बाजार में बेहतर लाभ मिल सकेगा।
सरकार का उद्देश्य है कि आधुनिक परिवहन सुविधाओं के जरिए मत्स्य क्षेत्र को और मजबूत बनाया जाए, जिससे किसानों और मत्स्य पालकों की आय में बढ़ोतरी हो।
