राजस्थान-हरियाणा के बीच बिछेगी नई रेल लाइन, इस शहर में बनेगा जंक्शन, 155 किमी होगा रूट
New Rail Line: हरियाणा और राजस्थान के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। चरखी दादरी से कनीना और काठूवास होते हुए नीमराणा तक प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना अब आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। रेलवे द्वारा इस मार्ग का प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा किए जाने के बाद क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं को लेकर उत्साह बढ़ गया है।
करीब 155 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर लगभग 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि माल परिवहन को भी नई गति मिलेगी। इसका सबसे अधिक लाभ महेंद्रगढ़ जिले और आसपास के क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है।
कनीना बनेगा प्रमुख रेल जंक्शन
प्रस्तावित योजना के अनुसार चरखी दादरी, कनीना खास और काठूवास को प्रमुख जंक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं नीमराणा और ततारपुर को क्रॉसिंग स्टेशन का दर्जा दिया जा सकता है। इसके अलावा मार्ग पर कई नए स्टेशन और हाल्ट बनाए जाने की योजना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की रेल पहुंच मजबूत होगी।
रामनगर, मोड़ी, चिड़िया, बाघोत, गोमला और नांगल जमालपुर सहित कई गांवों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलने की संभावना है। स्थानीय लोगों को आवागमन के बेहतर साधन उपलब्ध होंगे और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
औद्योगिक क्षेत्र से बढ़ेगा जुड़ाव
नई रेल लाइन महेंद्रगढ़ जिले को राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र नीमराणा से जोड़ने का काम करेगी। नीमराणा में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिससे रोजगार और व्यापार के नए अवसर खुल सकते हैं। बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से निवेश आकर्षित होने की भी संभावना है।
पर्यटन को भी मिलेगा लाभ
क्षेत्र के धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन गतिविधियों में भी वृद्धि हो सकती है। विशेष रूप से बाघोत जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
लोगों में खुशी का माहौल
परियोजना की प्रगति की खबर सामने आने के बाद कनीना और आसपास के क्षेत्रों में सकारात्मक माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
अब DPR और मंजूरी पर नजर
प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा होने के बाद अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और आवश्यक स्वीकृतियां हासिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि परियोजना को जल्द मंजूरी मिले और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो, ताकि लंबे समय से चली आ रही रेल संपर्क की मांग पूरी हो सके।
